Friday, January 18, 2019

अरुण जेटली का दूसरे दलों पर हमला, झूठ की बुनियाद पर विरोध की मजबूरी

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस समेत अन्य दलों के वंशवाद को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने अपने लेख में कहा कि भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में कुछ लोगों का मानना है कि सत्ता पर काबिज होना सिर्फ उनका जन्म सिद्ध अधिकार है. ऐसे लोग भी हैं, जो किसी भी सत्ता में प्रभावशाली भूमिका पा लेते हैं. वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो वामपंथी और चरमपंथी विचारधारा के अनुयायी हैं और ऐसे लोगों को केन्द्र की मौजूदा सरकार मंजूर नहीं है. इन सबके सामन्जस्य से देश की राजनीति में एक नया वर्ग खड़ा होता है जिसके लिए विरोध अथवा आलोचना करना एक अनिवार्यता है.

जेटली ने कहा कि इन आलोचकों का मानना है कि मौजूदा सरकार कुछ भी अच्छा नहीं कर सकती है. लिहाजा इसके सभी फैसलों की आलोचना करने की अनिवार्यता है. इन्हें आर्थिक तौर पर पिछड़े लोगों को शिक्षा और नौकरी में दिए गए 10 फीसदी आरक्षण में खामी दिखती है. विडंबना देखिए कि गरीब तबके के लिए किया जा रहा प्रावधान को वामपंथी दल रोक रहे हैं. कालेधन पर लगाम लगाने की कवायद को टैक्स आतंकवाद की संज्ञा दी जा रही है. आधार को स्थापित कर जहां गरीबों को जाने वाले पैसे से चोरी रोकने की कवायद हो रही है तो यह वर्ग उसे निजी स्वतंत्रता से जोड़कर आलोचना कर रही है.

वहीं देश को तोड़ने का नारा लगाने वालों के मौलिक अधिकार की बात की जा रही है और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे संवेदनशील कदम पर सवाल खड़ा किया जा रहा है. जाहिर है कि मौजूदा सरकार की आलोचना की अनिवार्यता के चलते ये वर्ग झूठ का निर्माण करने से भी परहेज नहीं रखता. यह वर्ग अपने निर्मित तर्क से सामान्य हित को भी गलत ठहरा रहा है. जानें इनकी इस दोगली राजनीति के कुछ नमूने.

जस्टिस लोया केस

इस मामले में एक-एक कर कई झूठे दावे किए गए. जस्टिस लोया की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई और अंतिम समय में उनके साथ सिर्फ उनके मित्र और जज थे. इसके बावजूद एक खास वर्ग के समर्थन वाली वेबसाइट, सोशल मीडिया पर प्रचार और फर्जी जनहित याचिकाओं का सहारा लेते हुए झूठे दावे किए गए. इस झूठ के निर्माण में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश तक शामिल हुए. अंत में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने सभी आरोपों को बेबुनियाद करार दिया. इसके बावजूद फैसला सुनाने वाले जस्टिस धनंजय चंद्रचूड की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना की गई.

राफेल केस

इस वर्ग ने देश की सुरक्षा के लिए खरीदे गए राफेल लड़ाकू विमान पर सवाल उठाया. इस डील में देश के हजारों करोड़ रुपये बचाने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाना चाहिए लेकिन इस खास वर्ग को यह सच्चाई मंजूर नहीं है. जहां कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करते हुए एक दशक तक इस डील को टालने का काम किया वहीं मौजूदा सरकार की डील पर झूठे आंकड़ों को सामने करते हुए सवाल उठाने का काम किया गया. यह मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां बारीकी से देखने के बाद सभी आरोपों को खारिज कर दिया गया. इसके बावजूद झूठा प्रचार बंद नहीं हुआ और कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाने का काम शुरू कर दिया गया.

सीबीआई विवाद

दिल्ली में सत्ता के गलियारों की जानकारी में जरा भी उत्सुकता हो तो आप जानते होंगे कि किस तरह से देश की प्रमुख जांच एजेंसी में बीते कुछ वर्षों के दौरान कुछ अधिकारी खुद को कानून से ऊपर मानने लगे थे. लिहाजा सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस प्रमुख सुरक्षा एजेंसी में व्याप्त गंदगी को दूर करे. सरकार का मकसद सिर्फ इस एजेंसी की जवाबदेही तय करना और साख को पुख्ता करना था. वहीं इस खास वर्ग ने इस मामले में भी नया झूठ गढ़ने का सहारा लिया. प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली समिति में कांग्रेस नेता खड़गे ने दलील दी कि बिना किसी आरोप के कैसे सीबीआई प्रमुख का ट्रांसफर किया गया. जबकि खड़गे ने इसी सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति के समय लिखित तौर पर कहा था कि यह अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त है. इससे भी स्पष्ट है कि यह खास वर्ग आलोचना के कितना इतना मजबूर है.

Thursday, January 10, 2019

एअर इंडिया की नई स्कीम, बिडिंग से इकोनॉमी क्लास के पैसेंजर करेंगे बिजनेस क्लास में सफर

एअर इंडिया ने अपने यात्रियों के लिए नई स्कीम की शुरुआत की है. इस स्कीम के तहत अब इकोनॉमी क्लास के यात्री अपने टिकट को बिजनेस क्लास में अपग्रेड कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें बिड में हिस्सा लेना होगा. जिन यात्रियों की बिड अधिक होगी, उनका टिकट बिजनेस क्लास में अपग्रेड कर दिया जाएगा. बता दें, बिड उन खाली बिजनेस क्लास सीटों के लिए होगा, जिसे किसी ने बुक नहीं किया है.

एअर इंडिया के सीएमडी प्रदीप सिंह खारोला ने बताया कि नई स्कीम के तहत इकोनॉमी क्लास का यात्री 75 फीसदी तक बचत करके बिजनेस क्लास में यात्रा कर सकता है. यह ऑनलाइन ऑफर अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, जापान और हांगकांग समेत देश के 6 मेट्रो शहर की यात्रा करने पर लागू होगा.

दिसंबर में शुरू की गई इस स्कीम के तहत यात्रियों को अपने इकोनॉमी क्लास के किराए (जिसका भुगतान आप कर चुके हो) और बिजनेस क्लास के किराए के बीच के अंतर वाली राशि पर बोली लगानी होगी. इस दौरान यात्री न्यूनतम बोली का कैप भी लगा सकता है. जिस यात्री ने बोली लगाई और उसका टिकट अपग्रेड नहीं हुआ तो उसका पूरा किराया वापस किया जाएगा.

सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का बिल आखिरकार राज्यसभा और लोकसभा से पास हो गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद अब ये बिल कानून में बदल जाएगा, लेकिन इसके साथ ही नरेंद्र मोदी सरकार के लिए नई चुनौती सामने होगी. लोकसभा चुनाव से ऐन पहले चले गए इस मास्टर स्ट्रोक के बाद मोदी सरकार के सामने खाली पड़े सरकारी पदों को भरने की चुनौती होगी.

बिजनेस टुडे के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों में करीब 29 लाख पद खाली पड़े हैं जिन पर नियुक्ति हो सकती है. अब इस बिल के पास होते ही सामान्य वर्ग के करीब 3 लाख लोगों के लिए भी इस 29 लाख में आरक्षण के आधार पर जगह बनेगी.

देश में पिछले 24 घंटे में इमरजेंसी लैंडिंग की तीन घटनाएं सामने आई है. लगातार आ रही ऐसी रिपोर्ट्स के बाद हवाई यात्रा को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं. रविवार को दुबई जा रही है एअर इंडिया की फ्लाइट को तकनीकी खराबी के बाद मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक फ्लाइंट (IX-247) मुंबई से दुबई जा रही थी, तभी फ्लाइट के हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी आ गई इसके बाद फ्लाइट को तुरंत मुंबई एयरपोर्ट पर ही उतारा गया. इस रिपोर्ट से जुड़ी ज्यादा जानकारी का इंतजार है.

इमरजेंसी लैंडिंग की एक दूसरी घटना रविवार को ही वाराणसी में हुई. यहां पर हांगकांग से दिल्ली जा रही बोइंग 737 की इमरजेंसी लैंडिंग हुई. स्पाइस जेट की इस फ्लाइट की बाईं इंजन में अचानक खराबी आ गई थी, इसके बाद विमान को चला रहे पॉयलट ने समझदारी का परिचय देते हुए वाराणसी में फ्लाइट की लैंडिंग कराई. ये घटना रविवार सुबह 10 बजे की है. विमान में सवार सभी 142 यात्री सुरक्षित हैं.

इन यात्रियों को अब दूसरी फ्लाइट अपने गंतव्य की ओर ले जाया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक बोइंग विमान में दो इंजन होते हैं, लेकिन आसमान में उड़ान के दौरान इंजन में ईंधन की सप्लाई बाधित हो गई, इससे विमान का बायां इंजन बंद हो गया. ये घटना पटना के एअरस्पेस में हुई. पायलट ने तुरंत नजदीकी एयरपोर्ट वाराणसी का रास्ता चुना और वहां पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई. 

बता दें कि शनिवार रात कोलकाता में भी एक विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी. एअर इंडिया का विमान AI-335 बैंकॉक से दिल्ली की जा रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक विमान में इंधन लीकेज की वजह से आपात लैंडिंग की नौबत आई. पायलट ने कहा कि जब विमान हवा में था तभी उसके दाहिनी हिस्से से लीकेज शुरू हो गया. तकनीकी खराबी की जानकारी मिलते ही पायलट ने कोलकाता एयरपोर्ट के अधिकारियों से संपर्क किया और लैंडिंग की इजाजत मांगी. परमिशन मिलते ही विमान की लैंडिंग कराई गई.

Thursday, January 3, 2019

अफगानिस्तान में लाइब्रेरी की फंडिंग पर ट्रंप ने उड़ाया मोदी का मजाक

अपनी बयानबाजी और चौंकाने वाले फैसलों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है. ट्रंप ने ये तंज भारत द्वारा अफगानिस्तान में की जा रही मदद को लेकर कसा है. उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री लगातार मुझे बताते हैं कि हमने अफगानिस्तान में लाइब्रेरी बनाई. लेकिन मैं कहता हूं कि उसका इस्तेमाल कौन कर रहा है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘’ मैं अगर भारत की बात करूं तो उनकी उपस्थिति अफगानिस्तान में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे बताया कि उन्होंने अफगानिस्तान में लाइब्रेरी बनाई, पांच घंटे उन्होंने यही बताया.’’

अफगानिस्तान नीति पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा,’’ उन्होंने (मोदी) मुझे बताया. वो बहुत स्मार्ट हैं, अब हम क्या कह सकते हैं. ओह... लाइब्रेरी के लिए शुक्रिया. पता नहीं अफगानिस्तान में उस लाइब्रेरी का इस्तेमाल कौन कर रहा है. लेकिन ये सिर्फ एक-दो चीजों में से है, मैं पूरा क्रेडिट नहीं लेना चाहता

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दक्षिण एशियाई नीति को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में भारत, पाकिस्तान, रूस जैसे देशों की मौजूदगी है, हम उनसे काफी दूर हैं उसके बावजूद भी उनकी मदद करते हैं.

आपको बता दें कि भारत अफगानिस्तान में पिछले काफी समय से एक्टिव है. भारत लगातार अफगानिस्तान में प्रोग्रेसिव प्रोग्राम चलाता है, जिसमें स्कूली जरूरतों, पुनरुत्थान जैसे कार्यक्रम भी शामिल हैं. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति किस प्रोग्राम की बात कर रहे थे यह साफ नहीं है.

गौर करने वाली बात ये भी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति भारत द्वारा अफगानिस्तान में की जा रही जिस मदद पर तंज कस रहे थे, उन्हीं की सरकार ने जब अफगानिस्तान की नीति बनाई थी तो भारत को अहम जिम्मेदारी दी थी.

डोनाल्ड ट्रंप जब राष्ट्रपति बने तो उन्होंने दक्षिण एशिया के लिए नई नीति बनाई, उस दौरान अफगानिस्तान में अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए उसने भारत को अहम साथी करार दिया था.

यह प्रोडक्ट नया है और इसकी कीमत 249  रुपये है. इसमें पल्यूशन फिल्टर दिया गया है और यह पोर्टेबल इसे कहीं भी आसानी कैरी कर सकते हैं.

इसकी कीमत 699 रुपये है. आप सेल्फी लवर हैं तो ये आपके काम का साबित हो सकता है. यह हल्का है और पोर्टेबल है और इसका वजन 132 ग्राम है. इसे मोबाइल के साथ कनेक्ट करके ऑपरेट कर सकते हैं. इसमे 3.5mm का ऑडियो जैक है और फिजिकल शटर बटन भी दिया गया है.

इसकी कीमत 249 रुपये है. ये माइक्रो यूएसबी टू टाइप सी कनेक्टर की तरह काम करता है. इससे आप चाहें तो फोन चार्ज करने के लिए यूज करें या डेटा ट्रांसफर करने के लिए. यह 100cm का है और कंपनी का दावा है कि केबल को 250D नायलन से प्रोटेक्ट किया गया है ताकि रफ यूज में भी न टूटे. 

Tuesday, November 27, 2018

मां-जुड़वां बच्चों के बाद पति की भी मौत

 निमोनिया से पीड़ित पति की हालत बिगड़ने का पता चलने के बाद सात महीने की गर्भवती महिला ने एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। पड़ोसियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां खून से लथपथ हालत में उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया और खुद दम तोड़ दिया। तीन घंटे बाद दोनों मासूम बगैर आंख खोले ही इस दुनिया से चले गए। उनके कुछ देर बाद वेंटिलेटर पर चल रहे पति की भी मौत हो गई। महिला के भाई का कहना है कि उसे लगा कि पति की मौत हो चुकी है, इसलिए उसने यह कदम उठा लिया

दिल दहला देने वाली यह घटना सोमवार दोपहर करीब दो बजे कोलार के स्वरूप साईंनाथ नगर में हुई। यहां मुलताई के रहने वाले 37 वर्षीय मनोज गोहे पत्नी गायत्री के साथ रहते थे। मनोज कार फाइनेंस का काम करते थे। दोनों ने 10 साल पहले प्रेम विवाह किया था।

12 नवंबर को मनोज खांसी और बुखार का चैकअप कराने बंसल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने तकलीफ ज्यादा बढ़ने का हवाला देकर उन्हें भर्ती कर लिया। गायत्री को सात महीने का गर्भ था, लिहाजा मनोज ने उन्हें अस्पताल आने के लिए मना कर दिया। सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे गायत्री ने अस्पताल में मौजूद देवर तरुण को फोन किया। पति का हाल पूछा तो देवर ने कहा कि भाभी आप अस्पताल आ जाओ।

करीब 40 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई
गायत्री को अस्पताल लाने के लिए तरुण ने मनोज के पड़ोसी को कार निकालने के लिए कहा था। घर पर अमूमन गाउन पहनकर रहने वाली गायत्री ने सलवार सूट पहना और फ्लैट से बाहर निकल आईं। हल्के-हल्के चलते हुए वह कॉलोनी के गेट से बाहर निकली और तीन प्लॉट छोड़कर एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर जा पहुंची और करीब 40 फीट की ऊंचाई से छलांग लगा दी। पहले वह कॉलोनी की बाउंड्रीवॉल पर लगी ग्रिल पर गिरी, फिर सड़क पर आकर गिरी।

10 साल बाद घर में किलकारी का इंतजार था

गायत्री के बड़े भाई नरेश ने बताया कि शादी के 10 साल बाद भी गायत्री को कोई संतान नहीं थी। शहर और उसके बाहर शायद ही कोई ऐसा स्पेशलिस्ट डॉक्टर बचा हो, जहां मनोज और गायत्री न गए हों। किसी रिश्तेदार ने जानकार बाबा की सलाह दी तो बच्चे की चाह में दोनों उससे भी मिलने पहुंच गए। घर में बेहद खुशियों का माहौल था। गायत्री को सात महीने का गर्भ था, वो भी जुड़वां। दोनों के परिवारों को इस खुशी का बेसब्री से इंतजार था।

आंखें खोले बगैर ही दुनिया छोड़ गए मासूम
नरेश के मुताबिक, "पड़ोसियों की मदद से खून से लथपथ गायत्री को पास के अनंतश्री अस्पताल पहुंचाया गया। सांसें थमने से पहले गायत्री ने अपने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इनमें एक बेटा और एक बेटी थे। इसके लिए डॉक्टरों को ऑपरेशन भी करना पड़ा। बच्चों को जन्म देते ही गायत्री की मौत हो गई। अब तक दोनों बच्चे जिंदा थे, लेकिन वेंटिलेटर पर। उन्होंने तो अभी आंखें भी नहीं खोली थीं। दोनों महज तीन घंटे ही जिंदा रह सके।"

Tuesday, November 13, 2018

वॉर्नर, स्मिथ के नहीं होने से ऑस्ट्रेलिया कमजोर

 भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का कहना है कि स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर के नहीं होने से ऑस्ट्रेलियाई टीम कमजोर है, लेकिन उसे हराना आसान नहीं है। टीम इंडिाय को ऑस्ट्रेलिया की धरती पर जीत हासिल करने के लिए ठोस रणनीति की जरूरत है। इस साल केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए तीसरे टेस्ट में बॉल टैम्परिंग के कारण स्मिथ और वॉर्नर पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया था

एसीए की मांग मान सकता है सीए

खबरें हैं कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) दोनों पर से प्रतिबंध हटाने की ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स संघ (एसीए) की मांग को मान सकता है। शमी ने यहां बंगाल और मध्य प्रदेश के बीच रणजी ट्रॉफी के ग्रुप-बी के मैच के इतर कहा, "अगर वे दोनों नहीं खेलते हैं तो ऑस्ट्रेलियाई टीम निश्चित तौर पर कमजोर होगी, लेकिन आखिर में आपको अपनी रणनीति और मजबूती पर टिके रहना पड़ेगा।"

सीए ने स्वतंत्र समिति से कराई है जांच

स्मिथ, वॉर्नर के अलावा इस मामले में बल्लेबाज कैमरुन बैनक्रॉफ्ट पर भी प्रतिबंध लगा है। हालांकि, बैनक्रॉफ्ट के खिलाफ नौ महीने का ही प्रतिबंध है। मामले में सीए ने जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित की थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस विवाद के लिए टीम की हर हाल में जीत की मनोदशा को कारण बताया था। रिपोर्ट आने के बाद से एसीए ने सीए पर इन खिलाड़ियों से प्रतिबंध हटाने के लिए काफी दबाव बनाया है।

वीडियो देखकर भी तैयारी कर रहे हैं हम ः शमी

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम की तैयारी पर पूछने पर शमी ने कहा, "एक तेज गेंदबाजी इकाई के तौर पर हमने इंग्लैंड में काफी अच्छा किया था। हम ऑस्ट्रेलिया दौरे की तैयारी कर रहे हैं और कई वीडियो देख रहे हैं। हमारी कोशिश सीरीज पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने की है, क्योंकि हमारे विपक्षी मजबूत हैं। हम लाइन और लेंथ सही रखने पर काम करेंगे।"

जब मैंने इसे लिखना शुरू किया तो शुरुआत में मैं जानती थी कि दिमाग में चल रहे सभी इमोशंस को मैं शब्दों में व्यक्त करने में सक्षम नहीं रहूंगी।  हसबैंड, साथी, बेस्ट फ्रेंड, माय रॉक...मेरे लिए ये सब गोल्डी बहल हैं। शादी एक-दूसरे के साथ खड़े होने का नाम है, अच्छे-बुरे समय में, बीमारी में, स्वास्थ्य में और भगवान जानता है कि इन सालों में हम कैसे रहे। ज्यादातर लोगों को यह अहसास नहीं होता कि कैंसर किसी एक व्यक्ति की जंग नहीं है। बल्कि यह ऐसी बीमारी है, जिसका सामना पूरे परिवार को करना पड़ता है।

सोनाली आगे लिखती हैं-

मैं इस यात्रा से गुजरने में सक्षम थी। क्योंकि मैं जानती थी कि तुम अपनी सभी जिम्मेदारियां संभाल लोगे और कुछ और ले भी लोगे। शुक्रिया हर कदम पर मेरी स्ट्रेंथ, मेरा प्यार और मेरी खुशी बनने के लिए। मैं जो महसूस कर रही हूं, उसके लिए शुक्रिया एक अंडरस्टेटमेंट है। मैं उसके लिए क्या कहूं, जो आपका हिस्सा है, जो आपका है और उसके अलावा कोई और मायने नहीं रखता। हैप्पी एनिवर्सरी गोल्डी।

2002 में हुई थी शादी: सोनाली ने 12 नवंबर 2002 को गोल्डी बहल से शादी की। गोल्डी फिल्ममेकर हैं। उन्होंने अंगारे (1998), द्रोणा (2008) और यू मी और हम (2013) जैसी फिल्में को-प्रोड्यूस की हैं। वे टीवी पर रिपोर्टर्स (2015) और आरंभ (2017) जैसे शोज डायरेक्ट और प्रोड्यूस कर चुके हैं। सोनाली और गोल्डी 13 साल के बेटे रणवीर बहल के पेरेंट्स हैं। जुलाई में सोनाली ने इस बात का खुलासा किया था कि वे कैंसर से जूझ रही हैं। तभी से वे न्यूयॉर्क में इलाज करा रही हैं। गोल्डी कभी न्यूयॉर्क जाकर सोनाली को सपोर्ट करते हैं तो कभी मुंबई आकर घर की जिम्मेदारियां निभाते हैं।